बुधवार, 22 अक्तूबर 2008

देश के दुश्मन

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे पर देश द्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। यह उत्तर भारत बनाम पश्चिम भारत का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे देश के संघीय ढांचे पर हमला है। बिहार, झारखंड , उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गाय-भैंस की तरह दौड़ा-दौड़ा कर पीटने वाले राज ठाकरे व उनके भाड़े के गुंडों के खिलाफ पूरे देश को एक साथ आना चाहिए। राजनीतिबाज नेतागण ! देश बचेगा तो राजनीति होती रहेगी। अगर देश ही नहीं रहेगा तो आप कौन-सी राजनीति करोगो ? जरा सोचो.. .
मैं राज ठाकरे की भर्त्सना करता हूं। मेरी नजर में वह देश का दुश्मन है।

4 टिप्‍पणियां:

Suresh Chiplunkar ने कहा…

रंजीत भाई, दो-चार लाईनें लालू, मुलायम, पासवान, मायावती पर भी लिख देते, राज ठाकरे तो गुंडा है ही, ये विभूतियाँ भी महात्मा नहीं हैं…

Suresh Chiplunkar ने कहा…

बिहार को "बिहार" बनाने वाले ही आज सबसे ज्यादा छाती कूट रहे हैं… ट्रेन जलाने वाले छात्रों को इनसे पूछना चाहिये कि 60 साल में तुम लोग एक ऐसा बिहार तक नहीं बना सके कि किसी गरीब को पलायन न करना पड़े? प्रतिभासम्पन्न लोग और खनिज सम्पन्न धरती है, फ़िर भी बिहार के लोगों को कश्मीर, असम सभी जगह से भगाया जाता है, क्यों? यह सवाल राज ठाकरे से नहीं लालू-नीतीश-शरद-पासवान सभी से पूछा जाना चाहिये…

श्रीकांत पाराशर ने कहा…

Jara sochiye ki agar har pradesh men ek Raj Thakre ho to desh ka kya ho?

रंजीत ने कहा…

Suresh bhai, main aapkee baton se puree tarah sahmat hun. Bihar ko "Bihar" banane ke liye Bihari netawon kee Bhrasht jamat jimmewar hai. Ye YUG APRADHEE hain aur inhen kabhee maf nahin kiya jana chahiye. Lekin sath hi hamen yah bhee sochna chahiye kee agar Raj Thakre abhinit rajnitik pravritee ko agar abilamb nestnabud nahin kiya gaya to desh ka sanghiya dhancha hil jayega. vighatankaree fellings ka barood kahan nahin hai ? yah pravritee aane wale samay me nadee, khaneej, fauz, tirtha sthal,vyabsay,communication ko bhee apne aagosh me le saktee hai. Kya hum aise bhavisya ka swagat kar sakte hain ? vichar kee jarurat hai.
Rahi bat Bihar ke Bhrasta rajnetawon ko expose karne ka to yah Blog shyad usee ke nimmit hai. fursat me dekhiyega.
Ranjit